
ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया है। क्या इस ऐलान से मध्य-पूर्व में नया संकट पैदा होगा?
इजरायल ने लेबनान में हमला किया, जिसमें हमास के एक वरिष्ठ नेता मारे गए। इस हमले के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ने अपने हमले नहीं रोके, तो वह दुनिया के महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर देगा।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का मुख्य मार्ग है। दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% इसी रास्ते से गुजरता है।
ईरान का यह कदम इजरायल-हमास के बीच चल रहे नाजुक सीजफायर को तोड़ सकता है। इससे संघर्ष के और बढ़ने की आशंका है।
होर्मुज के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
ईरान और इजरायल के बीच दुश्मनी पुरानी है। गाजा युद्ध के बाद से यह तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर है। होर्मुज के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराएगा।
इस गंभीर स्थिति को टालने के लिए दुनिया के कई देश कूटनीतिक समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। बातचीत से हल की उम्मीद है।
यह देखना बाकी है कि इजरायल और ईरान अगला कदम क्या उठाते हैं। पूरी दुनिया इस संवेदनशील स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।