
बदलती लाइफस्टाइल में बीमारियों का खतरा बढ़ा। सेहत को लेकर जागरूक रहना है ज़रूरी।
बिना लक्षणों वाली बीमारियां हो सकती हैं खतरनाक। बीमारियों का शुरुआती पहचान ज़रूरी।
हाई बीपी साइलेंट किलर है। हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। साल में एक बार ज़रूर कराएं।
डायबिटीज के मरीज तेज़ी से बढ़ रहे हैं। फास्टिंग और पोस्ट-लंच टेस्ट कराएं। अनकंट्रोल शुगर से बचें।
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हार्ट डिजीज का कारण। युवाओं में भी बढ़ रही समस्या। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट ज़रूरी।
किडनी की खराबी का पता लगाएं। शुरुआती स्टेज में पहचान संभव। साल में एक बार टेस्ट कराएं।
लिवर है शरीर का डिटॉक्सिफायर। गलत खानपान से बढ़ रहीं समस्याएं। टेस्ट से लिवर की सेहत जानें।
थायराइड असंतुलन से वजन और मूड पर असर। खासकर महिलाओं में आम। TSH, T3, T4 टेस्ट से जानें।
Vitamin D, B12 और आयरन की कमी से थकान। हड्डियों की कमजोरी और एनीमिया का खतरा। इनकी कमी का पता लगाएं।
दांतों की सेहत पूरे शरीर से जुड़ी। आंखों की रोशनी पर ध्यान दें। कैविटी और विजन की समस्या पहचानें।
गैस, एसिडिटी या अपच से परेशान? पेट की समस्याओं का जल्द पता लगाएं। अल्ट्रासाउंड या कोलोनोस्कोपी कराएं।
स्वस्थ वज़न है ज़रूरी। ओवरवेट या अंडरवेट होना खतरनाक। BMI चेक करके सेहत कंट्रोल करें।