
धार्मिक कार्य के नाम पर नदी में बहाया गया बेहिसाब दूध। सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का वीडियो वायरल। पातालेश्वर महादेव मंदिर के पास नर्मदा तट पर घटना।
दादा जी बाबा के नेतृत्व में लोग टैंकर से भारी मात्रा में दूध नदी में बहाते दिखे।
इतनी बड़ी मात्रा में दूध का यूं बर्बाद होना लोगों को नागवार गुजरा। खासकर तब, जब कई लोगों को पीने का साफ पानी भी नहीं मिलता।
यूजर्स ने इस कृत्य को 'पागलपन' और 'संसाधनों की बर्बादी' करार दिया। प्रकृति के साथ खिलवाड़ पर जताई नाराजगी।
हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि यह एक विशेष धार्मिक परंपरा का हिस्सा हो सकता है।
नदियों में ऐसे पदार्थ बहाने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है और जलीय जीवन को नुकसान पहुंच सकता है।
ऐसे आयोजनों पर प्रशासन की नजर होनी चाहिए ताकि प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके।
लोगों ने इस तरह की बर्बादी पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या यह धार्मिक आस्था है या संसाधनों की घोर बर्बादी? विचार करने योग्य है।
ऐसे आयोजनों पर नियम और कानून सख्त होने चाहिए ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके।
क्या धार्मिक कार्यों में ऐसे संसाधनों की बर्बादी को रोका जाना चाहिए? अपने विचार साझा करें।