
प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा संकल्प। देश की आधी आबादी को मिलेगी राजनीतिक हिस्सेदारी।
संसद में विशेष सत्र की तैयारी। महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा और ऐतिहासिक कदम।
सशस्त्र बलों से लेकर तकनीक तक, महिलाएं बना रही हैं मिसाल। अब राजनीति में भी बढ़ेगी भागीदारी।
महिलाओं के निर्णय से प्रशासन होता है बेहतर। लोकतंत्र होगा और अधिक संवेदनशील और संतुलित।
सितंबर 2023 में संसद में मिली मंजूरी। अब 2029 के चुनावों में आरक्षण का लक्ष्य।
संविधान निर्माताओं के सपने को साकार करने का समय। समानता केवल कागज पर नहीं, व्यवहार में हो।
यह किसी एक दल का नहीं, पूरे राष्ट्र का संकल्प है। भारत के भविष्य के लिए जरूरी कदम।
विकास की गति बनाए रखने के लिए आधी आबादी की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
विधायी संस्थाओं में महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व देश को नई दिशा देगा।
दशकों पुरानी मांग अब हकीकत बनने को तैयार। असंतुलन को खत्म करने का सही समय।
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