
संसद ने ऐतिहासिक 33% महिला आरक्षण बिल पारित कर दिया है। यह महिलाओं के लिए एक बड़ा कदम है।
डीएमके नेता और तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन ने बिल का समर्थन किया। लेकिन 2011 की जनगणना को आधार बनाने पर आपत्ति जताई है।
स्टालिन के अनुसार, 2011 की जनगणना के आंकड़े पुराने हो चुके हैं। दक्षिणी राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण उनका प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।
बिल में कहा गया है कि परिसीमन (delimitation) के बाद यह कानून लागू होगा। परिसीमन जनगणना के आधार पर होता है।
दक्षिण के कई राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्हें डर है कि पुरानी जनगणना से उनका राजनीतिक भार कम हो जाएगा।
बिल के अनुसार, परिसीमन के बाद यह नियम लागू होगा। यह प्रक्रिया अभी बाकी है और इसमें समय लग सकता है।
बिल का मुख्य उद्देश्य संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। यह लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस ऐतिहासिक बिल और सीएम स्टालिन की आपत्तियों के बारे में विस्तार से जानें।