
ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद भी मिडिल ईस्ट क्यों है हाई अलर्ट पर? जानें क्या है ताजा संकट।
कुवैत, सऊदी अरब, यूएई और कतर में अचानक गूंजे अलर्ट सायरन। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हरकत में।
इजरायल और कुवैत ने ईरान से दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया। स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
कतर ने नागरिकों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी। सऊदी के रियाद में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया।
पूरे संघर्ष की जड़ होर्मुज स्ट्रेट है। दुनिया के तेल सप्लाई का मुख्य रास्ता, जिसके बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल सकती है।
ईरान का कहना है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित नहीं खुलता और 10-प्वाइंट प्लान तय नहीं होता, जंग खत्म नहीं है।
ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में बातचीत होने की संभावना। क्या ये कूटनीतिक प्रयास सफल होंगे?
सीजफायर के संकेत मिलते ही कच्चे तेल के दाम गिरे और अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल देखा गया।
कागजों पर शांति है, पर जमीन पर डर का माहौल। देखना होगा कि ईरान-इजरायल का ये संघर्ष कब शांत होगा।
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