
ईरान ने अमेरिका को भेजा शांति प्रस्ताव। इस्लामाबाद में शुरू होगी अहम बातचीत।
10 अप्रैल से इस्लामाबाद में बातचीत शुरू। 15 दिनों तक चलेगा कूटनीतिक प्रयास।
1. अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता 2. होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण 3. यूरेनियम संवर्धन की स्वीकृति
4. सभी प्राथमिक प्रतिबंध हटाना 5. सभी द्वितीयक प्रतिबंध हटाना 6. यूएन के प्रस्तावों को समाप्त करना
7. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्ताव खत्म करना 8. मुआवजे का भुगतान 9. अमेरिकी बलों की वापसी 10. सभी मोर्चों पर युद्ध विराम
नहीं! ईरान ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब युद्ध की समाप्ति नहीं है। उनके हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से यह सीजफायर मुमकिन हुआ है। इसे ईरान ने बड़ी जीत बताया है।
व्हाइट हाउस का कहना है कि सीजफायर तभी प्रभावी होगा जब होर्मुज स्ट्रेट को व्यापार के लिए खोला जाएगा।
इस सीजफायर के पीछे चीन का भी हाथ है। चीन ने तनाव कम करने के लिए लचीलापन दिखाने का आग्रह किया था।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस सीजफायर को अपनी मंजूरी दी है।
अब्बास अराकची ने कहा: अगर हमले रुकते हैं, तो हम भी रुक जाएंगे। सुरक्षित आवागमन का वादा किया गया है।
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