
बिहार चुनाव के बीच छिड़ा सवाल: आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड क्या पहचान के काफी हैं?
चुनाव आयोग ने कुछ लोकप्रिय दस्तावेजों को नागरिकता का आधार मानने से इनकार कर दिया है।
आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, और राशन कार्ड को नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है।
आधार सबसे लोकप्रिय है, बैंक से लेकर सरकारी योजनाओं तक में चलता है, पर नागरिकता साबित नहीं करता।
UIDAI के अनुसार, आधार सिर्फ पहचान सत्यापन का स्रोत है, नागरिकता का नहीं।
यह स्पष्ट करती है कि आधार नंबर नागरिकता या अधिवास (Domicile) का प्रमाण नहीं है।
वोटर कार्ड मतदान का अधिकार देता है, पर यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है।
चुनाव आयोग ने 11 दस्तावेज माने हैं: पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट आदि।
चुनाव आयोग की इस पहल पर सवाल उठ रहे हैं, नागरिक परेशान होने का आरोप लगा रहे हैं।
पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट, मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज नागरिकता साबित करने में सहायक होते हैं।
जानिए क्यों उलझी है पहचान की पहेली और नागरिकता साबित करने के सही तरीके।